पुलिस, डीजीपी और सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल से डराया; पुलवामा हमले के मुकदमे में फंसाने की धमकी
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने राजाजीपुरम निवासी रिटायर्ड क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) बैकुंठ नाथ मिश्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 19 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने उन्हें करीब सात दिन तक अपने जाल में फंसाए रखा और लगातार वीडियो कॉल के जरिए डराते-धमकाते रहे।
बताया गया कि साइबर ठगों ने पहले रिटायर्ड आरएम को फोन कर दावा किया कि उनके नाम से पाकिस्तान से करोड़ों रुपये की रकम आने वाली है। इसके बाद उन्हें पुलवामा हमले से जुड़े मुकदमे में फंसाने का डर दिखाया गया।
जालसाजों ने पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल कर खुद को अधिकारी बताया। इसके बाद डीजीपी और सीबीआई अधिकारी बनकर भी वीडियो कॉल की गई। लगातार पूछताछ और कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ित को मानसिक दबाव में रखा गया।
साइबर ठगों ने कथित जांच में सहयोग करने के नाम पर रिटायर्ड आरएम से अलग-अलग खातों में 19 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम ट्रांसफर कराने के बाद भी जालसाज लगातार उनसे संपर्क में रहे।
कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रहने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस साइबर जालसाजों के इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि पुलिस, सीबीआई या कोई अन्य जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश नहीं देती। ऐसे किसी भी फोन या वीडियो कॉल पर घबराने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस या साइबर अपराध शाखा से संपर्क करना चाहिए।


