गोंडा। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शुक्रवार को गोंडा में कलक्ट्रेट का घेराव कर धरना दिया। बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या से नाराज मंत्री ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, बुलडोजर चलाने, पीड़ित परिवार को नौकरी और मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी और आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की भी मांग उठाई।
मंत्री इससे पहले लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस पर भी धरने पर बैठे थे। उन्होंने वहीं से गोंडा के अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद गोंडा पहुंचेंगे। शुक्रवार को समर्थकों के साथ गोंडा पहुंचे संजय निषाद ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक से मुलाकात कर अपना आक्रोश जताया। मृतक के परिजनों को भी सर्किट हाउस बुलाया गया।
मंत्री के तेवरों के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लापरवाही के आरोप में थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी, चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट आरक्षी को निलंबित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं और विभागीय जांच भी होगी।
गोंडा पहुंचने पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी से भी संजय निषाद भड़क गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या निषाद समाज के लोग गुंडे-बदमाश हैं, जो इतनी पुलिस लगाई गई है। उन्होंने कहा कि समाज में आक्रोश बढ़ रहा है और सरकार को हालात को और बिगड़ने से रोकना चाहिए।
विनोद साहनी की सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के बाद कुछ लोगों ने हमला किया था। गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार शाम लखनऊ में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी विरोध जताया। अब कैबिनेट मंत्री के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने ने मामले को और गरमा दिया है।


