प्रयागराज। सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबी हलफनामा मांगा है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने मस्जिद कमेटी पर लगाए गए छह करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक के अर्थदंड की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली तनवीर अहमद ने प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने बिना नोटिस और सक्षम आदेश के मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कमेटी ने कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक परिसर से अवैध कब्जा हटाने संबंधी कानून के तहत कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और स्वामित्व साबित करने का अवसर मिलना चाहिए था। कमेटी ने बिजली का बिल स्वीकार नहीं करने, गवाहों की पूरी गवाही नहीं कराने और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। कमेटी ने इसी कार्रवाई और उसके बाद हुए ध्वस्तीकरण को चुनौती दी है। जिला जज की अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और तब तक अर्थदंड की वसूली पर रोक लगा दी। अब अगली सुनवाई में सरकार का जवाब सामने आने के बाद मामले की कानूनी स्थिति और प्रशासन की कार्रवाई पर अदालत आगे विचार करेगी।


