दिन में कई बार लग रहा जाम
फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर गंगा पुल के बाद अब रामगंगा पुल भी वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पुल के चार जोड़ खुलने के बाद मरम्मत के लिए उनके आसपास कोन और बोल्डर रख दिए गए हैं। इससे पुल का आधे से अधिक हिस्सा बाधित हो गया है। हालत यह है कि दो वाहन एक साथ आमने-सामने से निकलना मुश्किल हो रहा है और दिन में कई बार जाम की स्थिति बन रही है।
रामगंगा पुल काफी पुराना है। हाईवे के चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ा है। चौबीस घंटे में हजारों वाहन पुल से होकर गुजरते हैं। ऐसे में पुल के चारों जोड़ों में गैप बढ़ना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर जोड़ वाले हिस्से में तेज झटके लगते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक गति कम करनी पड़ती है।
जोड़ों की हालत खराब होने के बाद करीब चार दिन पहले एनएचएआई ने मरम्मत का काम शुरू कराया था। काम के दौरान जोड़ों के आसपास तोड़फोड़ किए जाने से कुछ स्थानों पर गैप और अधिक दिखाई देने लगा। सुरक्षा के लिहाज से इन स्थानों पर कोन और बोल्डर रख दिए गए, लेकिन इसके बाद पुल पर यातायात के लिए उपलब्ध जगह और कम हो गई। फिलहाल मरम्मत का काम बंद पड़ा है और अवरोध जस का तस है।
आधे से ज्यादा पुल बाधित, एक-एक कर निकल रहे वाहन
कोन और बोल्डर रखे होने के कारण पुल पर यातायात व्यवस्था बेहद संकरी हो गई है। आमने-सामने से दो बड़े वाहन आने पर रास्ता रोकने की स्थिति बन जाती है। कई बार वाहन चालकों को एक वाहन को पीछे लेना पड़ता है, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। सुबह और शाम के समय समस्या और बढ़ जाती है। बुधवार सुबह भी पुल पर यातायात प्रभावित रहा और जाम को नियंत्रित करने के लिए मौके पर कोई पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिया।
चार दिन से काम बंद, राहगीरों में नाराजगी
शाहजहांपुर के हुल्लापुर निवासी कुलदीप ने बताया कि पुल की मरम्मत चार दिन पहले शुरू हुई थी, लेकिन इसके बाद काम बंद हो गया। उनके अनुसार, जोड़ के पास रास्ता रोकने से रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को कुछ मिनट की दूरी तय करने में काफी अधिक समय लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते काम पूरा नहीं कराया गया तो बढ़ता ट्रैफिक और खराब जोड़ कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।
बाढ़ के बीच पशुओं को निकालना भी मुश्किल
रामगंगा में बाढ़ के चलते आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही पानी भरा हुआ है। स्थानीय निवासी रामकेश ने बताया कि उन्हें पशुओं को चराने के लिए पुल के दूसरी ओर ले जाना पड़ता है। पुल पर जाम और जगह-जगह रखे अवरोध के कारण पशुओं को निकालना मुश्किल हो जाता है। जिन हिस्सों में जोड़ खोदे गए हैं, वहां पशुओं के खुर फंसने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने एनएचएआई से मांग की है कि पुल की मरम्मत का काम तत्काल दोबारा शुरू कराकर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक पुल पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि जाम के साथ किसी संभावित हादसे को भी टाला जा सके।


