गंगा में समाए मकान, सड़कों पर नावें; 49 जिलों में अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, घाघरा समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं। फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और कटान के चलते शमसाबाद क्षेत्र के समेचीपुर चितार गांव में लगातार मकान नदी में समा रहे हैं। दो दिन में छह पक्के मकानों के गंगा में समाने की बात सामने आई है, जबकि गांव में अब तक 15 मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। दूसरी ओर बलिया, गोंडा, उन्नाव और बरेली समेत कई जिलों में बाढ़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। समेचीपुर चितार में रविवार देर रात एक पक्का मकान भरभराकर गंगा में समा गया। ग्रामीणों के अनुसार पानी घरों तक पहुंचने के बाद लोग रात में चारपाई छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। जिले के 102 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं।
उन्नाव में गंगा की तेज कटान से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग का एक हिस्सा बह गया। इससे करीब 40 गांवों की लगभग दो लाख आबादी के आवागमन पर असर पड़ा है। महत्वपूर्ण सड़क का हिस्सा कटने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बलिया में गंगा और सरयू का पानी निचले इलाकों में घुस गया है। कई घरों में पानी भरने के बाद लोग पहली मंजिल और छतों पर रहने को मजबूर हैं। घरों से निकलने के लिए खिड़कियों तक सीढ़ियां लगानी पड़ रही हैं। सड़कों और गलियों में पानी भरने से वाहन डूब गए हैं और नावों के सहारे आवाजाही हो रही है।
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। करीब 25 गांवों की 20 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। ग्रामीण सामान लेकर सुरक्षित स्थानों और रिश्तेदारों के घरों की ओर जा रहे हैं। इसी बीच तटीय इलाके में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई।
बाराबंकी में सरयू नदी भी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर है। हेतमापुर में बंद पड़ा दूरसंचार केंद्र कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया। आसपास के कई गांवों में संपर्क टूटने का खतरा बढ़ गया है।
बरेली के आंवला क्षेत्र में अरिल नदी के तेज बहाव में बाइक समेत तीन लोगों के बह जाने की घटना सामने आई है। डरुआपुर रपटा पुल के पास बाइक अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। पुलिस और गोताखोरों की टीमें तीनों की तलाश में जुटी हैं। फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है।
मऊ में सरयू का जलस्तर भी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते पानी से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है और कई गांवों के खेतों में पानी भरने लगा है।
उधर, मंगलवार तड़के लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई शहरों में बारिश हुई। लखनऊ में सोमवार को 16.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से काफी अधिक है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 49 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। नेपाल सीमा से सटे उत्तरी जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश और बाढ़ का असर यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा पर भी पड़ा है। पहले 8 सितंबर से प्रस्तावित परीक्षा अब 14 सितंबर से शुरू होगी। प्रशासन और बचाव टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
प्रदेश में नदियों का जलस्तर और कटान लगातार चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में अगले 48 घंटे कई बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।


