कई राज्यों में हालात बिगड़े
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर कहर बरपा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। सिक्किम में लैंडस्लाइड से तीस्ता और च्याकोऊंग नदियों का बहाव बाधित होने से पानी एक जगह जमा हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और 3.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में रविवार को 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रयागराज में गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण कई घाट डूब गए हैं। अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बचने पर सड़क पर चिताएं जलाने की स्थिति बन गई है। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
बिहार में भी गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 6.65 लाख लोग प्रभावित हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया, जो 2016 के 50.52 मीटर के रिकॉर्ड से अधिक है। बक्सर से भागलपुर तक गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
मध्य प्रदेश में नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। बरगी, भदभदा और कलियासोत बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में अब तक 30 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
सिक्किम के नगा फॉरेस्ट क्षेत्र में शनिवार देर रात सड़क कटिंग पर भूस्खलन हुआ। थेंग टनल के सामने तीस्ता और च्याकोऊंग नदियों के संगम के पास हुए भूस्खलन से दोनों नदियों का प्रवाह रुक गया है। इससे आसपास पानी जमा होने लगा है और प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है।
राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई जगह सड़कें जलमग्न हैं, बांधों के गेट खोले गए हैं और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


