मृत व्यक्ति के नाम पर जमीन पर फर्जी ऋण मामले में आरआई और लेखपाल पर विभागीय जांच के आदेश
आगरा। खेरागढ़ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनसमस्याओं की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों और लेखपालों को विशेष रूप से गांवों में नियमित रूप से मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जिलाधिकारी ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
डीएम मनीष बंसल ने लेखपालों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि लेखपाल प्रतिदिन गांव में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनें और राजस्व से जुड़े मामलों का मौके पर समाधान कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अपने क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं देने या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस में मृत व्यक्ति को जीवित दर्शाकर उसकी जमीन पर फर्जी तरीके से ऋण कराने का मामला भी सामने आया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए।
इस प्रकरण में राजस्व निरीक्षक (आरआई) चुन्नीलाल और लेखपाल मधुरेश तिवारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने जांच में तथ्यों को सामने लाकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रहे। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई की जानकारी भी संबंधित व्यक्ति को दी जाए।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी न हो और शासन की मंशा के अनुरूप जनता को प्रभावी राहत उपलब्ध कराई जाए।


