लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश और बाढ़ ने शनिवार को कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए। 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर वरुणा नदी के बढ़े जलस्तर और आसपास के इलाकों का जायजा लिया।
बिजनौर के किरतपुर में बारिश के पानी में खुला नाला दिखाई न देने से 12 वर्षीय हम्माद उसमें गिर गया और तेज बहाव में बह गया। करीब 500 मीटर दूर पाइप में फंसा उसका शव मिला। कौशांबी में यमुना में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें दो सगे भाई थे।
मुरादाबाद में मुगलपुरा क्षेत्र में चार मंजिला जर्जर इमारत महज चार सेकेंड में भरभराकर ढह गई। मलबे की चपेट में आने से बिजली के पोल टूट गए और तारों से चिंगारियां निकलने लगीं। प्रशासन ने एक दिन पहले ही इमारत को सील किया था। महोबा में भी कच्चा मकान कुछ ही सेकेंड में ढह गया, हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
वाराणसी में गंगा उफान पर हैं और सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट का शवदाह गृह भी जलमग्न है। प्रयागराज में गंगा-यमुना का पानी बस्तियों में पहुंच गया है। रामपुर में पुल टूटने से भैया नगला गांव का संपर्क कट गया है, जहां प्रशासन ने नावें भेजकर ग्रामीणों की आवाजाही बहाल करने की कोशिश शुरू की है। बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से करीब 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। गोंडा में घाघरा भी खतरे के निशान से ऊपर है।
आगरा में जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी तो प्रसूता को परिजनों ने चारपाई पर करीब आधा किलोमीटर तक उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। ललितपुर में नदी का पानी पुल के ऊपर बहने से कई रास्ते बाधित हैं, जबकि हमीरपुर में नहर कटने से करीब 100 बीघा दलहन की फसल जलमग्न हो गई।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 54 जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने रविवार को सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आगरा, मुरादाबाद और गोरखपुर समेत 34 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के बीच फिर तेज बारिश हो सकती है।


