सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। तड़के करीब चार बजे छह बुलडोजर कार्रवाई में लगाए गए और शाम तक भवन का अधिकांश हिस्सा गिरा दिया गया। सुरक्षा के लिए पांच कंपनी पीएसी, आरएएफ और करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन के मुताबिक कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश और न्यायालय के फैसले के बाद की गई है।
प्रशासन का कहना है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के रूप में पाई गई थी। सरकारी वकील के मुताबिक राजस्व अभिलेखों में जमीन सरकार और कलेक्ट्रेट के नाम दर्ज है। 10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जांच के बाद मामला नगर मजिस्ट्रेट की अदालत पहुंचा। 16 जुलाई 2026 को अदालत ने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसे हटाने और 6.41 करोड़ रुपये हर्जाना वसूलने का आदेश दिया था।
मस्जिद पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी। 24 जुलाई को कार्रवाई पर रोक लगी, लेकिन दो सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सच्चा हिंदू कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इसलिए हो रही है क्योंकि भगवान राम के मंदिर में चोरी करते हुए लोग पकड़े गए हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार भी नहीं बचा है। बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार से कार्रवाई तत्काल रोकने की अपील की।
कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर पहुंचने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि वे दस्तावेजों के आधार पर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी दावा किया कि मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले की है और कार्रवाई को सोची-समझी योजना बताया। भाजपा विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है।
शुक्रवार रात मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में भीड़ जुट गई थी, जिसे पुलिस ने हटाया। शनिवार को ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।


