नई दिल्ली। स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में शनिवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र पर लगाई गई धाराओं को दबाव में की गई कार्रवाई बताया और उन्हें राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन का आह्वान दक्ष चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र के खिलाफ लगाए गए एससी-एसटी एक्ट, धारा 307 और पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई पर सवाल हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने दबाव में कार्रवाई की है। वहीं, स्वतंत्र के वकील ने थाने के भीतर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन उन्हें फिलहाल कोई आश्वासन नहीं मिला।
स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था। इससे पहले उन्होंने हसनपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया था कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। स्वतंत्र पर सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट का आरोप है।
यह मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। संजय कुमार की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। निशु आजाद का आरोप है कि उनके पिता के सिर में गंभीर चोट लगी और कार्रवाई में देरी की गई। वहीं स्वतंत्र भारद्वाज ने पहले कथित हमले की बात कही थी, बाद में इसे आत्मरक्षा बताते हुए दावा किया कि कई लोगों ने उन्हें घेर लिया था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर कड़ा लगने से चोट आई थी। उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई थी और मेडिको-लीगल रिपोर्ट में चोट साधारण बताई गई। पुलिस ने खोपड़ी फटने या फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया है। पुलिस के अनुसार, स्वतंत्र को पहले पूछताछ के लिए बुलाकर छोड़ दिया गया था, जबकि अब दोबारा हिरासत में लेकर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।


