पांच कमरों का मकान और गोदाम ध्वस्त
प्रयागराज। कौशांबी सीमा से सटे मोहम्मदपुर गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन की कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शकील के महमूदपुर मनौरी स्थित मकान पर बुलडोजर चला दिया। करीब 100 वर्गमीटर में बने पांच कमरों के मकान और गोदाम को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम मौजूद रही और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।
बताया गया कि यह मकान आरोपी परिवार का पैतृक घर है। पहले मुख्य आरोपी नौशाद का परिवार भी यहां रहता था। बाद में नौशाद अपने मकान में चला गया और उसका भाई शकील परिवार के साथ इसी घर में रह रहा था। प्रशासन के अनुसार मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था। गोदाम में रोड लाइट, डीजे और जनरेटर सेट समेत अन्य सामान भी रखा था, जिसे कार्रवाई के दौरान नुकसान पहुंचा।
पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद कई परिवारों में मातम पसरा है और परिजनों का आक्रोश भी सामने आया है। उनका कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ हादसे की पूरी जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक भागने की कोशिश के दौरान उसके पैर में गोली लगी। मामले में लापरवाही के आरोप में एक इंस्पेक्टर, छह दरोगा समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री लंबे समय तक कैसे चलती रही और समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। बुलडोजर कार्रवाई के बावजूद मृतकों के परिजनों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।


