कानपुर के 150 घरों में घुसा पानी, प्रयागराज में छह दिन से जलमग्न हनुमान मंदिर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के तहत 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
कानपुर में पांडु नदी का पानी कई बस्तियों में घुस गया है। पिपोरी गांव में घरों के अंदर छह से सात फीट तक पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एसडीएम सदर अभिनव सिंह मोटरबोट से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। एसडीएम ने घुटनों तक पानी में उतरकर हालात का जायजा लिया। एनडीआरएफ की टीमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
प्रयागराज में गंगा-यमुना के उफान से प्रसिद्ध लेटे हनुमानजी मंदिर लगातार छठे दिन जलमग्न रहा। मंदिर का गर्भगृह भी पानी में डूब गया है। वाराणसी और उन्नाव की बाढ़ प्रभावित गलियों में नावें चल रही हैं। कानपुर में गंगा किनारे बने एक अपार्टमेंट की बाउंड्री ढहने से 40 से अधिक परिवारों में दहशत है और भवन में दरारें भी आई हैं।
ललितपुर में लगातार बारिश के कारण चमराऊआ पुलिया तेज बहाव में बह गई, जबकि माताटीला बांध के 20 गेट खोलने पड़े। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बलिया में गंगा और सरयू की बाढ़ से 36 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। मिर्जापुर में बाढ़ से करीब 500 बीघा फसल बर्बाद होने की सूचना है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। शनिवार को 71 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि 14 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पिछले दो दिनों में बारिश और बाढ़ से प्रदेश में 10 लोगों की मौत हो चुकी है।


