खबर के बाद गांव पहुंचे प्रभारी सीएमओ, परिजनों से की बातचीत; एक दिन में तीन टीके लगाए जाने का आरोप
रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गुल्लूपुर गांव में छह माह की मासूम जानवी की टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ा दी है। मामले को लेकर खबर प्रमुखता से सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मामले की जानकारी के बाद प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शुक्ला मासूम के गांव पहुंचे और मृतका के परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से टीकाकरण, मासूम की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़े तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की है।
परिजनों का आरोप है कि 22 अगस्त को छह माह की जानवी को एक ही दिन में लगातार तीन टीके लगाए गए थे। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक मासूम को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का यह भी कहना है कि उनके पास मौजूद टीकाकरण संबंधी रिकॉर्ड में टीकों की तारीख अलग-अलग दर्ज थी, जबकि आरोप के अनुसार टीके एक ही दिन लगाए गए। इसी बिंदु को लेकर परिवार ने सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
मामले को लेकर मृत मासूम की मां ने हरचंदपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले में टीकाकरण से संबंधित अभिलेख, मासूम को लगाए गए टीकों और उसकी मौत से पहले हुए उपचार की जानकारी जुटा रही है। हालांकि टीकाकरण और मासूम की मौत के बीच सीधे संबंध की पुष्टि अभी जांच का विषय है।
मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच अहम मानी जा रही है। अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि मासूम को वास्तव में कौन-कौन से टीके लगाए गए, उनकी निर्धारित तिथियां क्या थीं, टीकाकरण प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं और मासूम की मौत की चिकित्सकीय वजह क्या रही।
छह माह की मासूम की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच और पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे मौत की वास्तविक वजह और टीकाकरण प्रक्रिया में कथित लापरवाही की सच्चाई सामने आ सके।


