31 C
Lucknow
Friday, September 4, 2026

280 से ज्यादा चुनाव लड़े ‘धरती पकड़’ नागरमल बाजोरिया का निधन

Must read

 

पंचायत से राष्ट्रपति चुनाव तक आजमाया भाग्य, हार को कभी नहीं माना मन की हार

भागलपुर। चुनावी मैदान में उतरने के जुनून और अदम्य हौसले के लिए पहचाने जाने वाले बिहार के भागलपुर निवासी नागरमल बाजोरिया, जिन्हें लोग प्यार से ‘धरती पकड़’ के नाम से जानते थे, का निधन हो गया। उन्होंने 3 सितंबर को पटना में 96 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली।
नागरमल बाजोरिया का राजनीतिक सफर किसी मिसाल से कम नहीं रहा। उन्होंने पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रपति पद तक के चुनावों में 280 से अधिक बार अपनी किस्मत आजमाई। चुनाव दर चुनाव उन्हें भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार को कभी अपने हौसले की हार नहीं बनने दिया।
उनके लिए चुनाव केवल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने अपनी आवाज रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का जरिया था। यही वजह रही कि उम्र बढ़ने के बावजूद चुनाव लड़ने का उनका जुनून कम नहीं हुआ।
नागरमल बाजोरिया की पहचान ऐसे प्रत्याशी के रूप में बनी, जो चुनाव में जीत-हार के आंकड़ों से ज्यादा अपने लगातार मैदान में उतरने के जज्बे के लिए याद किए जाएंगे। अलग-अलग स्तर के चुनावों में उन्होंने बार-बार नामांकन दाखिल किया और चुनावी मुकाबले का हिस्सा बने।
उन्हें चुनावी राजनीति में ‘धरती पकड़’ उपनाम भी इसी जिद और लगातार चुनाव लड़ने की वजह से मिला। प्रतिद्वंद्वी मजबूत होते रहे, परिणाम उनके पक्ष में नहीं आए, लेकिन उनका चुनाव लड़ने का संकल्प कायम रहा।
96 वर्ष की उम्र तक चुनावी मैदान से जुड़े रहने वाले नागरमल बाजोरिया का जीवन इस मायने में अलग रहा कि उन्होंने हार को अंतिम सत्य मानने से इनकार कर दिया। चुनावी परिणाम चाहे उनके खिलाफ रहे हों, लेकिन उन्होंने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को कभी खत्म नहीं होने दिया।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article