हैदराबाद। देश का सबसे तेज रफ्तार इंटरसेप्टर ड्रोन तैयार हो गया है। हैदराबाद के स्टार्टअप अपोलियन डायनेमिक्स ने ‘आहूति एमके-2’ विकसित किया है, जिसकी रफ्तार 498 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसकी गति को दर्ज कर इसे देश का सबसे तेज ड्रोन बताया है।
कंपनी के संस्थापक जयंत खत्री के मुताबिक, आहूति एमके-2 ने अपने ही पुराने प्रारूप के 325 किलोमीटर प्रति घंटा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। इसे दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए तैयार किया गया है। बदलते युद्धक तौर-तरीकों को देखते हुए इसकी तेज गति और तेजी से दिशा बदलने की क्षमता को इसकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
इस ड्रोन को तैयार करने के दौरान इसके इंजन, मोटर और ढांचे में बड़े बदलाव किए गए। कंपनी ने इसके लिए करीब 10 अलग-अलग प्रारूप तैयार किए। ड्रोन एक बार में 400 एम्पियर तक विद्युत शक्ति खींचता है, जिससे इसे बेहद तेज गति हासिल होती है। कंपनी पहले भारतीय सेना को 300 किलोमीटर प्रति घंटा की गति वाले ड्रोन भी उपलब्ध करा चुकी है।
आहूति एमके-2 का परीक्षण भारतीय सेना की मदद से बबीना और गोपालपुर की फायरिंग रेंज में किया गया है। कंपनी का लक्ष्य कम लागत में अधिक क्षमता वाले सैन्य उपकरण तैयार करना है। हालांकि, ड्रोन की कीमत अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कंपनी की योजना वर्ष 2032 तक बड़े क्रूज मिसाइल मंच के विकास की भी है। इस परियोजना में अग्नि मिसाइल कार्यक्रम के पूर्व निदेशक प्रोफेसर एम. रामा मनोहरा बाबू मार्गदर्शन कर रहे हैं। इंटरसेप्टर ड्रोन सामान्य निगरानी या सामान ढोने वाले ड्रोन से अलग होते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य हवा में तेजी से बढ़ रहे दुश्मन ड्रोन या अन्य हवाई खतरों का पीछा कर उन्हें रास्ते में ही निष्क्रिय करना होता है।


