अयोध्या। राम मंदिर के पहले सीईओ नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन किए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की। मिश्रा ने कहा कि अगले दो से पांच दिनों में ट्रस्ट के साथ दो-चार बैठकें कर मंदिर की व्यवस्थाओं और कामकाज को अच्छी तरह समझेंगे, इसके बाद पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी महाराज ने बताया कि मिश्रा शुक्रवार को सीईओ का पदभार ग्रहण करेंगे।
मिश्रा ने कहा कि 17 वर्ष की उम्र में देवरिया के गांव से निकलकर 60 वर्ष की उम्र तक भारतीय वायुसेना में राष्ट्रसेवा की। अब भगवान श्रीराम ने मंदिर और रामभक्तों की सेवा का अवसर दिया है। अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने कहा कि पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय है और वह चयन समिति तथा भगवान श्रीराम के आभारी हैं।
राम मंदिर कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान मिश्रा कुछ सवालों पर नाराज भी नजर आए। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि यदि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया तो उन्हें दोबारा आने नहीं दिया जाएगा। इस बीच ट्रस्ट में नए पदाधिकारियों ने भी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। गोविंद देवगिरी महाराज को महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मोहन पांडेय और निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया गया है।
नए सीईओ पर मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, चढ़ावे की निगरानी, भीड़ प्रबंधन, कर्मचारियों और निर्माण कार्यों की देखरेख की बड़ी जिम्मेदारी होगी। ट्रस्ट के अनुसार उनके अधीन इंजीनियर, वित्त विशेषज्ञ और बड़ी पेशेवर टीम काम करेगी। मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सीईओ की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
मिश्रा मूल रूप से देवरिया के बनकटा क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 1986 में भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन लिया था और इसी वर्ष 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए। करीब 39 वर्ष की सैन्य सेवा के बाद उन्हें सेवानिवृत्ति के महज 125 दिन के भीतर राम मंदिर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
इधर, जन्माष्टमी से रामलला के अर्चकों के लिए नया पहनावा लागू करने की तैयारी है। 36 अर्चकों के लिए वाराणसी से पीले रंग के 80 पहनावे मंगाए गए हैं। जन्माष्टमी पर रात 11:30 बजे से एक बजे तक विशेष आयोजन के लिए मंदिर खोला जाएगा और रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन में आमंत्रित संत-महंत ही शामिल होंगे।


