सरकारी खरीदारी में उत्तर प्रदेश ने रचा कीर्तिमान, राष्ट्रीय स्तर पर मिले तीन बड़े पुरस्कार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई के लिए सरकारी खरीद का मंच जीईएम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) बड़ा बाजार बनकर उभरा है। सरकारी खरीदारी के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रदेश में वर्ष 2017 से अब तक जीईएम के माध्यम से करीब एक लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की जा चुकी है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही करीब 22 हजार करोड़ रुपये की खरीदारी दर्ज की गई। इससे प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और एमएसएमई इकाइयों को सरकारी बाजार तक पहुंच बनाने में बड़ी मदद मिली है।
उत्तर प्रदेश के इस प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। जीईएम के माध्यम से सरकारी खरीद में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर तीन बड़े पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इसे प्रदेश में सरकारी खरीद व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जीईएम के जरिए सरकारी विभागों और संस्थानों को विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद का डिजिटल मंच मिलता है। इससे प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्यमों को अपने उत्पाद सरकारी विभागों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। बड़ी सरकारी खरीद में स्थानीय एमएसएमई की भागीदारी बढ़ने से कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार का जोर अब अधिक से अधिक एमएसएमई इकाइयों को जीईएम से जोड़ने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही जीईएम खरीदारी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


