बिश्केक में भारत-रूस संबंधों पर हुई अहम बातचीत, मोदी ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने की पैरवी की; पुतिन को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का न्योता
यूथ इंडिया | नई दिल्ली। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की अहम मुलाकात हुई। करीब 10 मिनट चली बैठक में दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर छठे विश्व नोमैड खेलों के उद्घाटन समारोह में पहुंचे।
द्विपक्षीय बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ यूक्रेन युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया को कभी खत्म न होने वाले युद्धों से आगे बढ़कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। भारत शांति के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान मानवता की जरूरत है।
मोदी ने भारत में अगले महीने प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत रूस के राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए उत्सुक है।
वहीं, पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़कर करीब 40 हजार हो गई है।
रूसी सेना में भारतीयों का मुद्दा भी उठा
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों की वापसी का मुद्दा रूस के सामने लगातार उठाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 227 भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में भर्ती होने का पता चला था, जिनमें 139 को सेवा से मुक्त कराया जा चुका है। 51 भारतीयों की मौत की जानकारी मिली है। शेष लोगों की रिहाई के लिए भी भारत लगातार रूस के संपर्क में है।
मोदी ने इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान समेत कई नेताओं से मुलाकात की। आर्मेनिया के प्रधानमंत्री ने मोदी को अपने देश आने का न्योता भी दिया। बिश्केक में आयोजित सम्मेलन में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान समेत दस सदस्य देशों के नेता शामिल हुए।


