फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के औचक निरीक्षण में विद्यालय की व्यवस्थाओं में मिली गंभीर खामियों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय महोलिया में अनियमितताएं मिलने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर को निलंबित कर दिया। वहीं एक शिक्षक का वेतन रोकने के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
शनिवार को जिलाधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। विद्यालय में कुल 95 बच्चे पंजीकृत बताए गए, लेकिन 27 अगस्त की छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली। इससे विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति और अभिलेखों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हुए। निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा शिक्षण कार्य में भी अपेक्षित गुणवत्ता और व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया तथा एक अन्य शिक्षक का वेतन रोक दिया। साथ ही क्षेत्र में विद्यालयों की निगरानी और निरीक्षण में लापरवाही बरतने के मामले में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से शिथिल पर्यवेक्षण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों में हड़कंप मचा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य, छात्र उपस्थिति, साफ-सफाई और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


