– अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पटेल हटाए गए
– मुख्यमंत्री से मुलाकात के 24 घंटे के भीतर हुई कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
– समर्थकों में नाराजगी
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में मंच साझा करने के बाद अपना दल (एस) के रायबरेली जिलाध्यक्ष कुंवर सत्येंद्र पटेल को पद से हटाए जाने का मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने और उनसे मुलाकात के 24 घंटे के भीतर जिलाध्यक्ष को पद से हटाए जाने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुंवर सत्येंद्र पटेल को पास जारी किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनके लिए कुर्सी भी लगाई गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया। इसके बाद अचानक उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया। हालांकि, उन्हें हटाने के पीछे पार्टी की ओर से क्या कारण बताया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम को लेकर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि कुंवर सत्येंद्र पटेल लंबे समय से संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रहे और पार्टी की बैठकों से लेकर कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में लगातार मौजूद रहे। समर्थकों के मुताबिक रायबरेली में अपना दल (एस) के संगठन को विस्तार देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि अपना दल (एस) एनडीए गठबंधन का हिस्सा है और जिलाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पास मिला था, तो मुख्यमंत्री से मुलाकात या मंच साझा करना उनके लिए कार्रवाई का कारण क्यों बना? क्या उन्हें हटाने का संबंध मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से है या इसके पीछे पार्टी संगठन से जुड़ा कोई अन्य कारण है?
पार्टी की ओर से यदि हटाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण बताया जाता है तो स्थिति और साफ हो सकती है। फिलहाल इस मामले को लेकर जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है।
समर्थकों का कहना है कि कुंवर सत्येंद्र पटेल लगातार जिले में संगठन की बैठकें आयोजित करते रहे और कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने का काम करते रहे। ऐसे में बिना पूर्व सूचना पद से हटाए जाने की खबर ने कार्यकर्ताओं को भी हैरान किया है।


