फर्रुखाबाद। जिले में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। गुरुवार शाम गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर अधिक है। सुबह से शाम तक जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। लगातार बढ़ते पानी से जिले के करीब 90 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते गंगा में पानी की आवक बढ़ रही है। नरौरा बांध से 11,076 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
रामगंगा भी चेतावनी बिंदु के करीब
रामगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को इसका जलस्तर 136.05 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 55 सेंटीमीटर नीचे है। रामगंगा में खो बैराज से 9,280 क्यूसेक, हरेली बैराज से 750 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 3,350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा के जलस्तर में भी आगे बढ़ोतरी की संभावना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत टीमों को सक्रिय रखा गया है और प्रभावित ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की टीमें जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति के अनुसार राहत और बचाव की तैयारियां भी की जा रही हैं।


