वाराणसी: रोहनिया राजातालाब में चर्चित श्रेया उपाध्याय (22) हत्याकांड का पुलिस ने एक और राजफाश किया है।राजातालाब पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल दूसरे आरोपी रामसहाय चौबे (65 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी विवेक चौबे उर्फ निखिल अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मरुई निवासी श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
20 अगस्त को उसका शव रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छाव पश्चिमपुरा में सुनसान जगह पर बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद थाना राजातालाब पर मु.अ.सं. 157/2026 धारा 103(1) BNS के तहत हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए थाना राजातालाब और एसओजी की चार विशेष टीमें गठित की गईं। इसी क्रम में 24 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पहले आरोपी पुनीत मिश्रा (26) को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
27 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर राजातालाब पुलिस ने जमुआ तिराहा रेलवे क्रॉसिंग के पास से वांछित आरोपी रामसहाय चौबे पुत्र स्व. मंगला प्रसाद चौबे, निवासी नियारडीह, थाना चोलापुर को गिरफ्तार किया। पुलिस की विवेचना में दिल दहला देने वाला कारण सामने आया। आरोपी रामसहाय अपने पुत्र विवेक चौबे उर्फ निखिल से श्रेया की शादी कराना चाहता था। श्रेया के परिजनों ने इस रिश्ते से साफ इंकार कर दिया और उसकी शादी कहीं और तय कर दी।
इससे बौखलाए रामसहाय ने श्रेया के परिवार को धमकी दी थी कि- “श्रेया यदि धरती पर रहेगी तो मेरी बहू बनकर ही रहेगी।” इसी रंजिश में पूरी साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता विवेक चौबे उर्फ निखिल ही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वाराणसी के अलावा कई जिलों में दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दयाराम, उ.नि. आनंद कुमार पांडेय, उ.नि. रामविलास यादव, कां. मन्तोष शाह, रि.का. सुधाकर और हे.का. चालक सुनील कुमार सिंह शामिल रहे।


