– 148 विद्यार्थियों वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय में सभी शिक्षक मिले उपस्थित
– स्वच्छता से लेकर पेयजल और शौचालय तक व्यवस्थाएं संतोषजनक
फर्रुखाबाद। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने विकासखंड बढ़पुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय महरूपुर सहजू का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की अवस्थापना सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, रसोईघर, विद्युत व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लिया गया। विद्यालय में 148 विद्यार्थियों का नामांकन पाया गया और निरीक्षण के समय सभी शिक्षक उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापक श्रीमती शबनम शहाना प्रवीन, सहायक अध्यापक श्री प्रशान्त कुमार कटियार, श्रीमती ऋिचा गंगवार एवं श्रीमती शीलू यादव तथा अनुदेशक श्रीमती मंजेश्वरी एवं श्रीमती आभा उपस्थित पाई गईं।
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की समुचित व्यवस्था पाई गई। नल-जल आपूर्ति भी संतोषजनक मिली। बालकों और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय एवं मूत्रालय उपलब्ध और उपयोग योग्य पाए गए। शौचालयों में जलापूर्ति की व्यवस्था के साथ टाइल्सीकरण का कार्य भी पूरा मिला।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ शौचालय के साथ परिसर में आवागमन के लिए रैंप और रेलिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध मिली।
विद्यालय में मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट क्रियाशील मिली। कक्षा-कक्षों के फर्श का टाइल्सीकरण पूर्ण पाया गया। विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई भी पूरी थी और परिसर साफ-सुथरा मिला।
निरीक्षण के दौरान परिसर में कहीं जलभराव नहीं पाया गया। विद्यालय का संपर्क मार्ग भी बना हुआ मिला।
निरीक्षण के समय विद्यालय में टहरी बनाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार भोजन मेन्यू के अनुरूप तैयार किया गया था और उसकी गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। रसोईघर में भोजन निर्माण से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं भी ठीक मिलीं।
विद्यालय के कक्षा-कक्षों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक फर्नीचर, डेस्क-बेंच और विद्युत उपकरण उपलब्ध पाए गए। विद्युत कनेक्शन के साथ विद्युत व्यवस्था भी क्रियाशील मिली।
विद्यालय में सुरक्षित प्रवेश के लिए मुख्य गेट और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक पाई गई।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की अवस्थापना संबंधी व्यवस्थाएं कुल मिलाकर संतोषजनक पाई गईं। सभी शिक्षकों की उपस्थिति भी मिली।
मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानाध्यापक एवं समस्त शिक्षकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का समुचित रखरखाव, स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।


