अनुराग तिवारी
औरैया। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के उद्यमी लॉन्चपैड के अंतर्गत MSME योजनाओं एवं उद्यमिता विकास पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कैंपस, जिला औरैया में किया गया। कार्यक्रम में करीब 50 लाभार्थियों, इच्छुक उद्यमियों, युवाओं एवं MSME से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि अपने हुनर और सोच को व्यवसाय में बदलने, सही बिजनेस प्लान तैयार करने, बाजार को समझने, वित्तीय प्रबंधन करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेकर अपना रोजगार खड़ा करने के लिए व्यावहारिक जानकारी देना रहा। बेरोजगारी से बेहतर अपना रोजगार, युवाओं को स्वरोजगार की राह होगी।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं को संदेश दिया कि रोजगार की तलाश करने के साथ-साथ अपना काम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करना चाहिए। सही योजना, बाजार की मांग और उपलब्ध सरकारी सहायता का उपयोग कर छोटा व्यवसाय भी आगे चलकर रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में समझाया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना का उद्देश्य शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें नौकरी तलाशने वाले से रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र युवाओं को उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना के लिए बैंक के माध्यम से ऋण की सुविधा मिल सकती है। योजना में सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए 10 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी के लाभार्थियों के लिए 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान निर्धारित है।
विशेषज्ञों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना, 18 से 40 वर्ष की आयु तथा कम से कम हाईस्कूल उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक किसी वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और योजना की अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
व्यापार शुरू करने से पहले प्लानिंग जरूरी
कार्यक्रम में विशेषज्ञ श्री अमित अग्रवाल ने उद्यम शुरू करने से पहले उचित प्लानिंग, बाजार की आवश्यकता, व्यवसाय मॉडल, लागत, ग्राहक और भविष्य की संभावनाओं को समझने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या बेचना है, किसे बेचना है, कितनी लागत आएगी और संभावित मुनाफा कितना होगा। वहीं बैंकर श्री हार्दिक रावत ने बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय प्रबंधन, ऋण प्रक्रिया तथा उद्यमियों के लिए उपलब्ध वित्तीय विकल्पों के संबंध में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण के दौरान एक जनपद एक उत्पाद (ODOP), विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30, यूपी MSME सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि व्यापार की सफलता केवल पूंजी पर निर्भर नहीं करती। सही बिजनेस प्लान, बाजार की समझ, लागत और मुनाफे का आकलन, ग्राहक की जरूरत, वित्तीय अनुशासन और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसी भी उद्यम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के समन्वयक श्री प्रखर मिश्रा रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने व्यवसाय शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंकिंग सुविधाओं और व्यापार को आगे बढ़ाने से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के युवाओं एवं संभावित उद्यमियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करते हुए सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा।


