नवाबगंज। नगर के मोहल्ला चांदनी में मंगलवार तड़के करीब चार बजे बड़ा हादसा हो गया। कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार के कई सदस्य मकान के अंदर चारपाइयों पर सो रहे थे। दीवार और मलबे की चपेट में आने से परिवार के कई लोग दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला। हादसे में 22 वर्षीय ज्योति पुत्री नरेश चंद की मौत हो गई।
मोहल्ला चांदनी निवासी नरेश चंद का परिवार अभी कच्चे मकान में रह रहा है। मंगलवार सुबह करीब चार बजे परिवार के लोग मकान के अंदर सो रहे थे। बताया गया कि उपनेश, उसकी पुत्री किट्टू, मुन्नी देवी, मोनी और ज्योति समेत परिवार के सदस्य चारपाइयों पर लेटे हुए थे। इसी दौरान अचानक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही सभी लोग मलबे में दब गए।
अचानक दीवार गिरने से घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंच गए। अभिषेक, गौतम, अवनीश, सुखदेव, दीपू, सेवाराम, आनंद समेत अन्य लोगों ने मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे में ज्योति भी मलबे में दब गई थी। उसे बाहर निकालने के बाद परिजन आनन-फानन में ई-रिक्शा से नवाबगंज के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद ज्योति को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन ज्योति के शव को वापस घर ले आए।
परिवार में सबसे छोटी थी ज्योति
परिजनों के अनुसार 22 वर्षीय ज्योति परिवार में सबसे छोटी थी। उसके पिता नरेश चंद और मां मुन्नी देवी हैं। उसके भाई उपनेश, सुखवीर और दीपक हैं, जबकि बहन पूजा की शादी हो चुकी है। बताया गया कि ज्योति और उसका भाई दीपक एक ही समय पैदा हुए थे। ज्योति की मौत से मां मुन्नी देवी और पिता नरेश चंद का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रधानमंत्री आवास मिला, बन रहा है मकान
परिजनों ने बताया कि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ है। आवास का निर्माण कार्य भी चल रहा है, लेकिन मकान पूरा होने से पहले परिवार पुराने कच्चे मकान में ही रह रहा था। मंगलवार तड़के इसी कच्चे मकान की दीवार गिरने से यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे के बाद मोहल्ले में भी मातम का माहौल है।
एक कच्ची दीवार ने परिवार की सबसे छोटी बेटी की जान ले ली, जबकि कुछ ही दूरी पर परिवार के पक्के आशियाने का निर्माण चल रहा था।


