फर्रुखाबाद। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का भी पर्व है। 15 अगस्त भारत के गौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शोभा दीदी ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल बाहरी बंधनों से मुक्त होना नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों से भी आजाद होना है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य नशा, क्रोध, लोभ, अहंकार, ईर्ष्या और आपसी भेदभाव जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से स्वयं को मुक्त करता है, तभी एक सशक्त, संस्कारवान और श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि आजादी की रक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिक ही नहीं करते, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने जिम्मेदार और सकारात्मक आचरण से राष्ट्र को मजबूत करता है। समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका लता दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं को संस्कार, शिक्षा और देशप्रेम की राह दिखाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके भीतर सकारात्मक सोच, अनुशासन तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करके ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान, भाईचारा और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि इन अभियानों को सफल बनाने में प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम में मुरलीधर गौड़, सुवालाल मिश्र और देव कुमार शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर केवल तिरंगा फहराना और राष्ट्रगान गाना ही पर्याप्त नहीं है। सच्ची देशभक्ति तब है, जब नागरिक अपने कर्मों से देश को मजबूत बनाने में योगदान दें।
इस अवसर पर लोगों ने संकल्प लिया कि वे देश की एकता और अखंडता को मजबूत करेंगे, समाज में प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाएंगे तथा स्वच्छ, स्वस्थ, संस्कारवान और शक्तिशाली भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।


