अधूरी सड़क और जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट अंत्येष्टि स्थल जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों बदहाली और विभागीय खींचतान का शिकार है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा मार्ग के पुनर्निर्माण का काम कराया जा रहा है, लेकिन सड़क की एक तरफ सीसी निर्माण पूरा होने के बाद दूसरी तरफ काम अधर में लटक गया है। अधूरे मार्ग पर जगह-जगह पानी भरा होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है और अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पांचाल घाट फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों का प्रमुख अंत्येष्टि स्थल है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मार्ग की खराब हालत सीधे लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। हालत यह है कि कई लोगों को वाहन छोड़कर अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी, बांस, कपड़ा और अन्य जरूरी सामान सड़क से ही पैदल लेकर जाना पड़ रहा है। बदहाल रास्ते को देखकर लोगों का गुस्सा भी फूट रहा है और वे जिम्मेदार विभागों तथा प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं
निर्माणाधीन सड़क का एक हिस्सा तैयार हो चुका है, जबकि दूसरे हिस्से में काम बंद पड़ा है। इसी अधूरे हिस्से में पानी भर जाने से कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी हुई है। शवयात्रा के साथ आने वाले बुजुर्गों और अन्य लोगों को भी इस रास्ते से निकलने में परेशानी हो रही है। बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच समस्या और गंभीर हो गई है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई बृजमोहन ने बताया कि सड़क निर्माण के बीच जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के चलते काम रुकवाया गया था। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण इस समय मार्ग पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ गया है। यदि ऐसे में सड़क का काम शुरू कराया जाता है तो आवागमन में और अधिक परेशानी पैदा हो सकती है।
जेई का कहना है कि सड़क बनने के तुरंत बाद यदि जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति आ गई तो नवनिर्मित सड़क के खराब होने का खतरा रहेगा। हालांकि विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन वाहनों को नियंत्रित कर सड़क पर आवागमन रोकने अथवा सीमित करने की व्यवस्था कर दे तो निर्माण कार्य शुरू कराकर उसे पूरा कराया जा सकता है।पांचाल घाट का यह मार्ग सामान्य रास्ता नहीं, बल्कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की मजबूरी और संवेदनशील जरूरत से जुड़ा है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय तक अधूरा रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि निर्माण की तकनीकी अड़चनें अपनी जगह हैं, लेकिन विभाग और प्रशासन को आपसी समन्वय कर ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे निर्माण भी पूरा हो और अंत्येष्टि के लिए आने वाले लोगों को भी परेशान न होना पड़े। अब लोगों की नजर प्रशासन की पहल और सड़क निर्माण पूरा होने पर टिकी है।


