‘लोहिया आज होते तो परिवारवाद पर सबसे पहले सवाल करते’, सपा पर सिद्धांत छोड़ने का आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसका जवाब विचारों और तथ्यों से दिया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत कटुता और निराधार आरोपों से।
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी विचारक डॉ. राममनोहर लोहिया का उल्लेख करते हुए कहा कि लोहिया ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में परिवारवाद का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि आज डॉ. लोहिया जीवित होते, तो सबसे पहले परिवारवाद की राजनीति पर ही सवाल उठाते। उन्होंने आरोप लगाया कि आज लोहिया के नाम पर राजनीति करने वाले लोग ही उनके सिद्धांतों से सबसे अधिक दूर चले गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने ब्राह्मण समाज को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता को यह नहीं भूला है कि एक समय पत्रकारों की जाति पूछी गई थी और सार्वजनिक मंच से “मिश्राजी, कुछ तो शर्म करो” जैसी टिप्पणी की गई थी। ऐसे में अब ब्राह्मण हितैषी होने के दावे जनता के बीच सवाल खड़े करते हैं।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि किसी एक परिवार को सत्ता तक पहुंचाना सामाजिक न्याय नहीं है। वास्तविक सामाजिक न्याय तब होता है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर, सम्मान और न्याय मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति सिद्धांतों से अधिक परिवार-केंद्रित हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल नारों और दावों से प्रभावित नहीं होगी। जनता उन दलों का मूल्यांकन उनके कार्य, नीतियों और शासन के आधार पर करेगी।
डिप्टी सीएम के इस बयान को प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा के बीच बढ़ती बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है। आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


