प्रयागराज/फर्रुखाबाद। वर्ष 2014 के बहुचर्चित इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की खंडपीठ ने मुख्य आरोपी पप्पू कोरी उर्फ चंद्र कुमार की फांसी की सजा को आजीवन कारावास (उम्रकैद) में बदल दिया। अदालत ने अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।
हाईकोर्ट में यह मामला कैपिटल अपील के रूप में विचाराधीन था। अपील 2 अप्रैल 2015 को दाखिल हुई थी और 2 मार्च 2016 से सुनवाई शुरू हुई। करीब 11 वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 7 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया गया।
29 नवंबर 2014 को फर्रुखाबाद में पुलिस टीम वांछित अपराधियों की तलाश में निकली थी। इसी दौरान हुई फायरिंग में तत्कालीन इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी पप्पू कोरी उर्फ चंद्र कुमार समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद पप्पू कोरी को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई थी। इस फैसले को आरोपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए मृत्युदंड को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। अदालत ने अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मामले का अंतिम निस्तारण कर दिया।


