फर्रुखाबाद। बाल श्रम उन्मूलन एवं जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास खंड मोहम्मदाबाद के सभागार में पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी डॉ. फरहाना जीनत खान ने की।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त सविता सिंह ने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम सहित संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल श्रम कराना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। साथ ही वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत संचालित अभियानों और योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
बैठक में चाइल्ड राइट्स एसोसिएट जोशिला अंसारी ने बाल श्रम, बाल संरक्षण, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, उन्हें विद्यालयों में नामांकित कराने तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की सक्रिय भूमिका पर भी जोर दिया।
खंड विकास अधिकारी डॉ. फरहाना जीनत खान ने कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सभी विभागों और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा किसी भी प्रकार के बाल शोषण की सूचना संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तत्काल दी जाए।
कार्यशाला में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), समस्त पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, ग्राम विकास अधिकारी तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


