नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ₹65 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक इन-सीटू ड्रेन ट्रीटमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना का उद्देश्य बड़े नालों से यमुना में गिरने वाले प्रदूषित जल का मौके पर ही उपचार करना है।
सरकार के अनुसार, इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से बड़े ड्रेनों के दूषित पानी का उपचार उसी स्थान पर किया जाएगा, जिससे बिना शोधन के यमुना में पहुंचने वाले प्रदूषित जल की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे नदी की जल गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
परियोजना में परफॉर्मेंस बेस्ड पेमेंट सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसके तहत संबंधित एजेंसियों को भुगतान उपचार की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा, जिससे बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह परियोजना यमुना के प्रदूषण को कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और राजधानी में स्वच्छ जल संसाधनों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।


