लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि आयोग के बढ़ते कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
नए आदेश के अनुसार आयोग के अध्यक्ष का मासिक वेतन ₹1.75 लाख से बढ़ाकर ₹2.25 लाख कर दिया गया है। वहीं सदस्यों का वेतन ₹1.47 लाख से बढ़ाकर ₹2.05 लाख प्रति माह कर दिया गया है।
वेतन वृद्धि के अलावा अध्यक्ष और सदस्यों को अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। अध्यक्ष को निशुल्क सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। यदि आवास उपलब्ध नहीं हो पाता है तो ₹10,000 ग्रेड पे वाले अधिकारियों के समान मकान किराया भत्ता मिलेगा। अध्यक्ष को सरकारी वाहन की सुविधा भी दी जाएगी।
वहीं आयोग के सदस्यों को भी निशुल्क सरकारी आवास अथवा नियमानुसार एचआरए का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रति माह 200 लीटर ईंधन के बराबर वाहन भत्ता प्रदान किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि शिक्षा सेवा चयन आयोग पर शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक पदों की भर्ती जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में आयोग की कार्यक्षमता और बेहतर प्रशासनिक संचालन को ध्यान में रखते हुए वेतन और सुविधाओं में यह वृद्धि की गई है।
इस निर्णय के बाद आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन एवं भत्तों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे आयोग के प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।


