फर्रुखाबाद। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष एवं राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नियंत्रण कक्ष की संचार व्यवस्था, प्राप्त सूचनाओं के संकलन, रजिस्टरों के संधारण तथा तहसीलों एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाढ़ संबंधी प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहे तथा सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से संकलित कर उच्चाधिकारियों को भेजने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आपात स्थिति में किसी भी बाढ़ पीड़ित का फोन आने पर संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल एवं उपजिलाधिकारी से तत्काल संपर्क कर पीड़ित को सुरक्षित बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित लोगों और उनके पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रभावित गांवों में शिक्षकों के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन को ग्राम प्रधानों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया।
निरीक्षण के दूसरे चरण में जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण कर अभिलेखों के रख-रखाव, संरक्षण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक अभिलेखों के डिजिटलीकरण, स्वच्छता, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन तथा सुरक्षित संरक्षण के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि राजस्व अभिलेख शासन और आमजन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आरआरके डॉ. रंजना को अभिलेखों के रख-रखाव और नियंत्रण कक्ष के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों की सुरक्षा के लिए अभिलेखागार में नियमित रूप से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने तथा अतिरिक्त सुरक्षा के लिए दो होमगार्ड तैनात करने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आमजन को अभिलेखों की नकल निर्धारित शुल्क पर केवल डाक टिकट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।


