लखनऊ। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम ) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है और विजिलेंस विभाग से अब तक की जांच से जुड़े अहम दस्तावेज तलब किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने विजिलेंस से केस डायरी, जांच रिपोर्ट, जब्त दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जानकारी मांगी है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से भी संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि धन के लेन-देन और सरकारी राशि के उपयोग की विस्तृत जांच की जा सके।
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव एनआरएचएम घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले से आरोपी हैं। पिछले माह विजिलेंस टीम ने उन्हें लखनऊ के वेव मॉल क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। वर्ष 2021 में विजिलेंस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि सरकारी कार्य कराए बिना ही भुगतान कराया गया, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। इस मामले में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
ईडी ने स्वास्थ्य विभाग से श्रावस्ती, बहराइच और गोंडा जनपदों के अस्पतालों से संबंधित अभिलेख, वर्ष 2013 से 2016 के बीच स्वीकृत बजट, व्यय विवरण, भुगतान रिकॉर्ड और परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन के प्रवाह और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।
सूत्रों का कहना है कि यदि जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है। ईडी और विजिलेंस दोनों एजेंसियां समन्वय के साथ पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हैं।


