नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा। शौकीन को 30 हजार से अधिक वोट मिले। डूसू के केंद्रीय पैनल में पिछले 17 वर्षों में पहली बार किसी निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है।
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को इस बार चारों पदों में से कोई पद नहीं मिला। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर रिया छावड़ी ने एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ा। संयुक्त सचिव पद भी एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह के खाते में गया। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने एबीवीपी और एनएसयूआई के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की।
पीरागढ़ी निवासी दीपांशु शौकीन के पिता बस कंडक्टर और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से स्नातक किया है। शौकीन करीब चार वर्ष तक एनएसयूआई से जुड़े रहे थे और इसी संगठन से उपाध्यक्ष पद का टिकट मांग रहे थे। उनका नामांकन भी कराया गया था, लेकिन बाद में नामांकन वापस लेने को कहा गया। शौकीन ने इनकार करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। चुनाव प्रचार में उन्होंने हॉस्टल, छात्र सुरक्षा और कैंपस सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता दी।
डूसू चुनाव में शुक्रवार को 52 कॉलेजों में मतदान हुआ था। कुल 1,51,519 मतदाताओं में से 61,312 छात्रों ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 40.46 फीसद रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय में दो कैंपस और कुल 91 कॉलेज हैं, लेकिन डूसू के सीधे चुनाव में 52 कॉलेज और फैकल्टी ही भाग लेते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्रीराम कॉलेज और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ प्रमुख कॉलेज डूसू के प्रत्यक्ष चुनाव का हिस्सा नहीं हैं।
नतीजों के बाद एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए और मामले को अदालत में ले जाने की बात कही। उन्होंने कुछ कॉलेजों में फर्जी मतदान और छात्रों पर दबाव डालकर मतदान कराने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हॉस्टल, पीजी और कॉलेजों का सुरक्षा ऑडिट कराना होगी। उन्होंने सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले डीयू छात्र को जीत समर्पित करने की बात भी कही।


