नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद भवन के मकर द्वार पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन प्रकरण और उससे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग रहा। इस दौरान विपक्ष के कई अन्य दलों के सांसद भी सपा के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए।
सपा सांसदों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन के कथित गबन के मामले में पारदर्शी जांच नहीं कराई जा रही है। प्रदर्शनकारी सांसदों ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। एक प्रमुख पोस्टर पर लिखा था—”आदेश किसने दिया?” यह पोस्टर हाल ही में दिल्ली में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार से जवाब मांगने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया।
सपा के सभी सांसद मकर द्वार पर मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले सांसदों के साथ बल प्रयोग किया गया, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
प्रदर्शन के कारण संसद परिसर में कुछ समय तक राजनीतिक हलचल बनी रही। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले, कथित अनियमितताओं और सांसदों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाता रहेगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


