यूथ इंडिया के प्रधान संपादक शरद कटियार की अंतरराष्ट्रीय कैंसर सर्जन डॉ. नवल किशोर शाक्य से विशेष बातचीत
लखनऊ।अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कैंसर सर्जन, समाजसेवी और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नवल किशोर शाक्य ने अपना जन्मोत्सव इस वर्ष ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ संकिसा में बौद्ध भिक्षुओं के साथ सादगीपूर्ण ढंग से मनाया। उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं के साथ भोजन ग्रहण कर भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और मानवता के संदेश को आत्मसात करने का संदेश दिया।
पिछले लोकसभा चुनाव में वे लगभग 2,700 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे, लेकिन क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क लगातार बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज भी उन्हें स्नेहपूर्वक “सांसद” कहकर संबोधित करते हैं। वहीं उनके समर्थकों का मानना है कि नवंबर में होने वाले राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि यह समर्थकों की अपेक्षा है, पार्टी की आधिकारिक घोषणा नहीं।
प्रश्न : आपने अपना जन्मदिन संकिसा में बौद्ध भिक्षुओं के साथ मनाने का निर्णय क्यों लिया?
डॉ. नवल किशोर शाक्य: भगवान बुद्ध का संदेश करुणा, शांति और मानव सेवा का संदेश है। मेरा मानना है कि जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति अपने दायित्व को याद करने का भी दिन है। इसलिए मैंने यह दिन बौद्ध भिक्षुओं के साथ बिताया।
प्रश्न : विश्वस्तरीय कैंसर सर्जन होने के बाद राजनीति में आने की प्रेरणा क्या रही?
उत्तर: चिकित्सा के माध्यम से मैं एक-एक मरीज की सेवा कर सकता हूं, लेकिन राजनीति के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन से जुड़े फैसलों और नीतियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है। मेरे लिए दोनों ही सेवा के माध्यम हैं।
प्रश्न : लोकसभा चुनाव बेहद कम अंतर से हारने के बाद आपका मनोबल कैसे बना रहा?
उत्तर: लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। चुनाव परिणाम चाहे जो हो, जनता की सेवा रुकनी नहीं चाहिए। मैं पहले भी लोगों के बीच था और आज भी उसी समर्पण के साथ कार्य कर रहा हूं।
प्रश्न : अखिलेश यादव आपको आज भी ‘सांसद’ कहकर बुलाते हैं। इसे आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: यह उनका स्नेह और विश्वास है। मैं इसे अपने लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी मानता हूं। मेरा प्रयास रहेगा कि पार्टी और जनता की उम्मीदों पर हमेशा खरा उतरूं।
प्रश्न : समर्थक चाहते हैं कि आपको राज्यसभा भेजा जाए।
उत्तर: मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। निर्णय पार्टी नेतृत्व करता है। मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।
प्रश्न : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार क्या है?
उत्तर: जागरूकता और समय पर जांच। यदि कैंसर का प्रारंभिक चरण में पता चल जाए तो अधिकांश मामलों में बेहतर उपचार संभव है। लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
प्रश्न : युवाओं के लिए आपका संदेश?
उत्तर: जीवन में ईमानदारी, मेहनत और समाज सेवा का भाव रखें। सफलता अपने आप आपके कदम चूमेगी।
डॉ. नवल किशोर शाक्य केवल एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कैंसर सर्जन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखने वाले जनसेवी भी हैं। चिकित्सा, सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन में उनका संतुलित दृष्टिकोण उन्हें अलग पहचान देता है। संकिसा में बौद्ध भिक्षुओं के साथ सादगी से जन्मदिन मनाना उनके व्यक्तित्व की विनम्रता और मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है। चुनावी हार के बाद भी जनता के बीच उनकी सक्रियता और सेवा भावना उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।


