कटान, पुलिया और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, ग्रामीणों की समस्याएं सुन अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश
अमृतपुर
आगामी बाढ़ की आशंका को देखते हुए अमृतपुर की उप जिलाधिकारी श्वेता साहू लगातार क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा ले रही हैं। बुधवार को उन्होंने रामगंगा नदी के किनारे बसे संवेदनशील गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और बाढ़ से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान एसडीएम सबसे पहले कला सोता पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी का कटान दोबारा शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष कटान रोकने के लिए पॉर्क्यूपाइन संरचनाएं और रेशम की बोरियां लगाई गई थीं तथा करीब 1200 मीटर लंबा सुरक्षात्मक कार्य कराया गया था, लेकिन नदी की तेज धारा के कारण उसका बड़ा हिस्सा बहकर रामगंगा में समा गया है। इस पर एसडीएम श्वेता साहू ने मौके पर ही आश्वासन दिया कि पूरी स्थिति की रिपोर्ट तत्काल संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक सुरक्षा कार्य जल्द शुरू कराया जा सके।
इसके बाद उप जिलाधिकारी अमैयापुर पुलिया पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने गंभीर समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान जब रामगंगा नदी उफान पर होती है, तब पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगता है। हर वर्ष लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरते हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में कई बाइक सवार तेज बहाव में बह चुके हैं, जिनमें कुछ लोगों को बचा लिया गया था, जबकि एक से दो लोगों की दर्दनाक मौत भी हो चुकी है।
ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट भेजकर पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग लगाने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि न हो
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ने गुडेरा गांव पहुंचकर भी बाढ़ की संभावित स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ निगरानी रखने के निर्देश दिए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में रामगंगा नदी में 8,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है


