उन्नाव। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित सरकारी विवाह समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब नवविवाहित जोड़ों को उपहार में वितरित किए गए गद्दों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के झंडे जैसी प्रिंटिंग होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया और प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश देने पड़े।
समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 459 जोड़ों का विवाह कराया गया। विवाह के बाद सरकारी उपहार किट के साथ दिए गए गद्दों की हरी-पीली प्रिंटिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे टीएमसी के झंडे से मिलता-जुलता बताते हुए सवाल उठाए कि सरकारी योजना में ऐसी सामग्री आखिर कैसे पहुंच गई।
मामला बढ़ते ही जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सप्लायर को नोटिस जारी कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता और प्रिंटिंग के चयन की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि गद्दों की प्रिंटिंग वास्तव में किसी राजनीतिक दल के झंडे से मेल खाती है या यह केवल निर्माता कंपनी का सामान्य डिजाइन है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कार्यक्रम में वितरित सामग्री को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर सरकारी खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे साफ होगा कि यह महज संयोग था या बड़ी लापरवाही।


