अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने चातुर्मास के प्रथम दिन रविवार को आध्यात्मिक संकल्प लेते हुए प्रतिदिन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक छह घंटे का मौन व्रत शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह मौन साधना आत्मचिंतन, ईश्वर स्मरण और आध्यात्मिक अनुशासन का हिस्सा है।
हाल के दिनों में उन पर लगाए गए विभिन्न आरोपों के संदर्भ में चंपत राय ने कहा कि “मुझे किसी सफाई की आवश्यकता नहीं है। श्रीराम स्वयं मुझे सभी आरोपों से मुक्त करेंगे।” उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य अंततः सामने आएगा और भगवान श्रीराम की कृपा से सभी भ्रम दूर होंगे।
चातुर्मास को सनातन परंपरा में साधना, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का विशेष काल माना जाता है। इसी अवधि में चंपत राय ने प्रतिदिन छह घंटे मौन रहकर प्रभु श्रीराम के ध्यान और आत्ममंथन का संकल्प लिया है।
चंपत राय के इस निर्णय को अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


