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Saturday, July 25, 2026

गंगा उफान पर: चेतावनी बिंदु से सिर्फ 50 सेंटीमीटर दूर जलस्तर

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पांचाल घाट तक पहुंचा पानी, तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता

फर्रुखाबाद। जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 136.25 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 50 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा का पानी शहर के ऐतिहासिक पांचाल घाट के पक्के घाट तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नरौरा बांध से 48,653 क्यूसेक तथा हरिद्वार से 69,459 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। भारी मात्रा में छोड़े गए पानी के कारण आने वाले कुछ दिनों में गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने, राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने तथा संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

बढ़ते जलस्तर का असर अब तटवर्ती गांवों में भी दिखाई देने लगा है। सुंदरपुर और तीस राम की मढ़ैया के निकट गंगा का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सोता नल की धार तेज होने के साथ उसका रुख गांवों की ओर हो गया है, जिससे कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित बाढ़ को लेकर आशंकित हैं।

शहर के पांचाल घाट पर गंगा का पानी पक्के घाट तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम लोगों को सतर्क करने के लिए लाल चेतावनी झंडियां लगा दी हैं। वहीं गंगा के दूसरी ओर उत्तरी बंधा क्षेत्र में रहने वाले कुछ पांडा परिवारों की झोपड़ियों में भी पानी घुसने लगा है, जिससे लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की चिंता बढ़ गई है।

हालांकि रामगंगा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बना हुआ है। खोह, हरेली और रामनगर से रामगंगा में 1,119 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, लेकिन फिलहाल उससे तत्काल किसी प्रकार का खतरा नहीं माना जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन गंगा और रामगंगा दोनों नदियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

यदि गंगा का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

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