गंदगी और बेड पर चादर न मिलने पर लगाई फटकार
फर्रुखाबाद। शहर के डॉ. राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में शनिवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. जगमोहन शर्मा ने औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी के पुरुष वार्ड में मरीजों के बेड पर चादरें न मिलने और शौचालयों में गंदगी पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। सीएमएस ने तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और सभी बेडों पर साफ चादरें बिछाने के निर्देश दिए।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुए निरीक्षण में सीएमएस सबसे पहले ओपीडी पहुंचे, जहां उन्होंने पर्चा काउंटर, पंजीकरण व्यवस्था, दवा वितरण केंद्र तथा मरीजों की सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहां पुरुष वार्ड के कई बेड बिना चादर के मिले। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान वार्ड में मरीजों के साथ बड़ी संख्या में तीमारदार मौजूद मिले। इस पर सीएमएस ने स्टाफ नर्स को निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को ही वार्ड में रहने दिया जाए, जबकि अन्य लोगों को बाहर प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया जाए, ताकि वार्ड में अनावश्यक भीड़ न हो और मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके बाद सीएमएस ने शौचालयों का निरीक्षण किया, जहां गंदगी मिलने पर उन्होंने सफाई कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर, वार्डों और शौचालयों की सफाई नियमित रूप से सुबह ही पूरी कर ली जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान कुछ पुरुष वार्ड के भीतर बैठे मिले। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला वार्ड में अनधिकृत पुरुषों का प्रवेश न होने दिया जाए तथा सुरक्षा और गोपनीयता के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. जगमोहन शर्मा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, दवा, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ऊपरी वार्डों का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद मरीजों से व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


