विशेष संवाददाता | यूथ इंडिया
फर्रुखाबाद। प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को आवास विकास स्थित मदर केयर हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देश पर की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (पंजीकरण) डॉ. आर.सी. माथुर ने किया। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल का कोई भी संचालक, चिकित्सक या अधिकृत प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं मिला। टीम ने प्रसूता के उपचार, भर्ती, प्रसव, रेफरल, पंजीकरण तथा मृत्यु से संबंधित सभी अभिलेख मांगे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई भी आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण में उपचार संबंधी अभिलेखों का संधारण भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन को प्रसूता के उपचार से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखने एवं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जा सके। मामले में मातृ मृत्यु ऑडिट (Maternal Death Audit) भी शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत मृत्यु के वास्तविक कारण और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग नहीं करने को गंभीर अनियमितता मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नियमानुसार अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही संबंधित अभिलेखों की गहन जांच शुरू कर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि जनपद में मरीजों के जीवन के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्वास्थ्य विभाग के नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निजी चिकित्सालयों के लिए पंजीकरण की शर्तों का पालन करना और उपचार संबंधी अभिलेखों का विधिवत संधारण अनिवार्य है। जांच में सहयोग न करने या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनपदवासियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


