अमृत पेयजल योजना के कार्य में अनियमितता का आरोप, अधिशासी अधिकारी ने जल निगम को भेजा शिकायती पत्र, कई मोहल्लों और सीएचसी तक पहुंचना हुआ मुश्किल
शमशाबाद (फर्रुखाबाद)। अमृत पेयजल योजना के तहत नगर पंचायत शमशाबाद में कराए जा रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य ने लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के बजाय नई मुसीबत खड़ी कर दी है। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा किए गए कार्य में कथित लापरवाही के चलते नगर के आधा दर्जन से अधिक प्रमुख मोहल्लों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हल्की बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत शमशाबाद ने जल निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत शमशाबाद ने 21 जुलाई 2026 को पत्रांक संख्या 412/न0पं0-अमृ0पेय0यो0/शमशाबाद/2026-27 के माध्यम से अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), फर्रुखाबाद को शिकायती पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
नगर पंचायत की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पेयजल योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन उन्हें समुचित तरीके से दुरुस्त नहीं कराया गया। कई स्थानों पर मिट्टी और मलबा सड़कों तथा नालियों में ही छोड़ दिया गया, जिससे नालियां चोक हो गईं। परिणामस्वरूप मामूली बारिश में भी पानी सड़कों पर भर जाता है और लोगों का निकलना दूभर हो जाता है।
नगर पंचायत द्वारा जिन स्थानों को सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है उनमें गढ़ी मस्जिद, मोहल्ला बाजारकला, बाजार मंडी स्थित सरवर गेस्ट हाउस के आसपास, मोहल्ला गढ़ी में पूर्व सभासद परवेज के आवास के निकट, मोहल्ला शेरवानीटोला में शकील की दुकान के पास तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद के आसपास का क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन इलाकों में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें ठीक से नहीं बनाई गईं। नालियों में भरे मलबे के कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग ने कार्य तो कराया, लेकिन उसकी गुणवत्ता और बाद की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया।
सबसे अधिक परेशानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से मरीजों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य वाहनों को भी आवागमन में दिक्कत होती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी शासन द्वारा मनोनीत भाजपा सभासद जितेंद्र कुमार शाक्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कांवड़ मार्गों की बदहाल स्थिति और जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। अब नगर पंचायत की ओर से भी आधिकारिक शिकायत किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जल निगम को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु पत्र भेजा गया है। साथ ही शिकायती पत्र की प्रतिलिपि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय, फर्रुखाबाद को भी प्रेषित की गई है, ताकि मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर आम जनता को राहत दिलाई जा सके।
जल निगम की लापरवाही से जल-जमाव में डूबा शमशाबाद, नगर पंचायत ने उठाए सवाल


