भिवानी: पीपल ऑफ़ भिवानी के बैनर तले आज भिवानी (Bhiwani) के हुडा पार्क में बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों एवं जागरूक नागरिकों ने एकत्र होकर दिल्ली (Delhi) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज (lathi-charge) एवं दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुँचकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग उठाई।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि पीपल ऑफ़ भिवानी किसी भी राजनीतिक दल या राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा संगठन नहीं है। यह भिवानी के उन युवाओं की एक पहल है, जो इस मुद्दे पर चल रहे विभिन्न राजनीतिक संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्ष परीक्षाएँ तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता लोकेश तथा विशाल सैनी ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज़ उठा रहे युवाओं के साथ बल प्रयोग किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों का विश्वास कमजोर किया है। ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता युवाओं की बात सुनना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना होना चाहिए, न कि उनकी आवाज़ को दबाना।
जलवायु कार्यकर्ता लोकेश भिवानी तथा विशाल सैनी ने कहा “हम दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए दमन की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। हमारी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि देश के विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही स्थापित करने की है।”
कलाकार सोनू रोंझिया ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जब तक उनकी बर्खास्तगी तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक पीपल ऑफ़ भिवानी का शांतिपूर्ण जनआंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई तथा विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा की माँग दोहराई। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया।
पीपल ऑफ़ भिवानी ने सभी नागरिकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की इस जनआवाज़ से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जुड़ें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा प्रणाली का निर्माण किया जा सके।
इस दौरान मुख्य रूप से मीनाक्षी, मोनू कश्यप ,आयुष नांगल, कविता सोलंकी , आयुष दहिया,राहुल भिवानी , मनजीत सांगवान,युवा कल्याण संगठन के कमल प्रधान, कामरेड ओमप्रकाश,अशोक मलिक,सुमित बराड़,सेठी धनाना,जोगेंद्र तालू आदि ने भी समर्थन किया!


