राजस्व अभिलेखों में श्मशान दर्ज भूमि पर कब्जे का आरोप, सरोजनीनगर तहसील प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
विशेष संवाददाता | यूथ इंडिया
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र के मुजफ्फरनगर घुसवल गांव में श्मशान घाट की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल्डर ऋषि अरोड़ा और विकास त्रिपाठी ने श्मशान के लिए दर्ज भूमि पर प्लॉटिंग कर निवेशकों को कब्जा तक दे दिया।
आरोपों के अनुसार, संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 415 के रूप में श्मशान घाट दर्ज है। इसके बावजूद कथित रूप से करीब 10 बीघा भूमि पर बाउंड्री वॉल कराकर प्लॉटिंग की गई और खरीदारों से धनराशि लेकर कब्जे भी दिए गए।
मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि दोनों बिल्डर अंसल कंपनी के सहयोगी हैं तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिला। शिकायत में सरोजनीनगर तहसील के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जे का यह मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


