अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए गए। विशेष रूप से मंदिर के धार्मिक और पारंपरिक कार्यों की जिम्मेदारी पांच संतों को सौंपने का निर्णय लिया गया, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ ) की नियुक्ति पर फिलहाल फैसला टाल दिया गया।
बैठक में आगामी श्रावण मास के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। ट्रस्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
न्यासी मंडल ने मंदिर की परंपरागत पूजा-पद्धति को और व्यवस्थित बनाने के लिए पांच संतों की समिति गठित की है। यह समिति धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-विधि और मंदिर की आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने और मार्गदर्शन देने का कार्य करेगी।
बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा चढ़ावे की गणना व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ ) की नियुक्ति के मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और इसे अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, पूजा-अर्चना की परंपराओं को अक्षुण्ण रखना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगामी श्रावण मास और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।


