रायबरेली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को दिशा की बैठक में जिले की बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को घेरा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय के सामने मोबाइल पर टूटी सड़कों और गड्ढों की तस्वीरें दिखाईं। इसके बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और जिलाधिकारी से सवाल किया कि सरकार पैसा दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा।
करीब ढाई घंटे चली बैठक में राहुल गांधी ने जिले के मुख्य मार्गों के साथ ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति पर भी जानकारी मांगी। उन्होंने अधिकारियों से सड़क निर्माण और मरम्मत की प्रगति बताने को कहा। बैठक में मंत्री मनोज पांडेय, राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मंत्री मनोज पांडेय ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में रायबरेली में करीब 16 हजार छोटी-बड़ी सड़कों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी जानकारी दी और बताया कि जिले में करीब 21.92 लाख लोगों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है।
उधर, समाजवादी पार्टी के विधायकों राहुल लोधी और श्याम सुंदर भारती ने दिशा बैठक से पहले पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क, शिक्षा, जल जीवन मिशन, बाढ़ और अन्य समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। पुलिस ने बैठक स्थल के बाहर उनके पोस्टर-बैनर हटा दिए।
बैठक से पहले राहुल गांधी ने भुएमऊ गेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाया, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद राहुल करीब ढाई घंटे की दिशा बैठक में शामिल हुए और शाम को लखनऊ रवाना हो गए।


