फर्रुखाबाद। भूजल सप्ताह के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार से भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया और उपस्थित अधिकारियों, छात्राओं एवं नागरिकों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
रैली में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर “जल है तो कल है”, “भूजल बचाएं, भविष्य बचाएं”, “हर बूंद कीमती है” तथा “वर्षा जल संचयन अपनाएं, भूजल स्तर बढ़ाएं” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली कलेक्ट्रेट परिसर से विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां छात्राओं ने नागरिकों को जल का दुरुपयोग रोकने और वर्षा जल संचयन अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि लगातार गिरता भूजल स्तर आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। यदि अभी से जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में पेयजल संकट और अधिक गहरा सकता है। उन्होंने कहा कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल का संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधारोपण ही भूजल स्तर को सुधारने के प्रभावी उपाय हैं।
उन्होंने सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों से अपील की कि वे जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न समझें, बल्कि इसे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि प्रतिदिन थोड़ी-सी सावधानी बरते और पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प ले, तो भूजल संकट पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्राओं को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपाय भी बताए। रैली का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना था कि “जल ही जीवन है” और इसके संरक्षण में ही आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य निहित है। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन प्रशासन के निर्देशन में संपन्न हुआ।


