कछुआ चाल से चल रहे निर्माण ने बढ़ाई मुसीबतें
बारिश में हर कदम पर हादसे का खतरा
फर्रुखाबाद। शहर की महत्वपूर्ण मंडी रोड का चौड़ीकरण कार्य लंबे समय से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता का शिकार बना हुआ है। करोड़ों रुपये की इस परियोजना की रफ्तार इतनी धीमी है कि लोगों ने इसे विकास नहीं, बल्कि परेशानी का पर्याय कहना शुरू कर दिया है। बरसात शुरू होते ही अधूरी सड़क ने आम जनता की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
सड़क के दोनों ओर महीनों पहले की गई खुदाई अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। जगह-जगह गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। पानी भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लग पाने से दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं, जबकि चार पहिया वाहनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सड़क पर लंबा जाम लग जाता है और राहगीरों को घंटों फंसे रहना पड़ता है।
निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण सड़क संकरी हो गई है। आमने-सामने वाहन आने पर निकलना मुश्किल हो जाता है। बारिश के कारण कीचड़ और फिसलन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क की वजह से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। वहीं स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों का आरोप है कि कई दिनों तक निर्माण स्थल पर मजदूर और मशीनें तक दिखाई नहीं देतीं। इससे साफ है कि काम समय पर पूरा कराने की कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो बरसात के पूरे मौसम में लोगों को इसी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जलभराव वाले गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन मंडी रोड पर चल रहा अधूरा निर्माण फिलहाल लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि रोजाना परेशानी और हादसों का कारण बन गया है।


